☘️आयुर्वेदिक उपचार कराने में आप क्यों झिझकते हैं?? आयुर्वेदिक उपचार सम्बंधी कुछ समान्य प्रश्नों के उत्तर।

यहां कुछ सामान्य प्रश्न दिए गए हैं जो लोग आयुर्वेदिक उपचार के बारे में सोचते हैं और उनके उत्तर हैं।

🧐यह प्राचीन ज्ञान है क्या यह नए युग की बीमारियों को ठीक कर सकता है?

👉 आयुर्वेद की खूबी है कि इसके सिद्धांत  प्रकृति पर ,५ तत्वों पर आधारित है जो सभी युग या समय  में मान्य है, आयुर्वेद का मानना है कि कोई भी बीमारी 3 दोषों के असंतुलन बिना नहीं होती है और उपचार दोष को संतुलित करने पर निर्भर करता है, इसलिए आयुर्वेदिक दवाओं के साथ नई बीमारियों का भी इलाज करना  संभव है और सफलतापूर्वक ऐसा हो भी रहा है।

🧐मैं सुनिश्चित नहीं है कि आयुर्वेदिक इलाज काम करेगा?

👉 आयुर्वेद  सबसे अच्छा और प्रभावी चिकित्सा पद्धति है जो लक्षणों को दबाता नहीं है बल्कि वास्तव में बीमारी का इलाज करता है, अगर यह काम नहीं करता तो यह विज्ञान इतने लंबे समय तक  भारत में जिंदा नहीं रहता । सौ साल से ज्यादा भारत  विदेशी देशों के नियंत्रण रहा  जो भारत में अपनी चीजें थोपते थे फिर भी आयुर्वेद बच गया तो यह इसकी उपयोगिता को सिद्ध करता है  । और आज तो पूरा विश्व आयुर्वेद को पढ़,समझ और अपना रहा है।

🧐यह सिर्फ घरेलू उपचार है,क्या  आयुर्वेद वैज्ञानिक है ??

👉आयुर्वेद सबसे वैज्ञानिक विज्ञान है।
जो लोग कहते की आयुर्वेद वैज्ञानिक नही  उन्होंने आयुर्वेद की  प्रमुख संहिताओं का एक अध्याय भी नहीं पढ़ा होगा ।
यदि आप अभी भी विश्वास नहीं करते हैं कि यह एक विज्ञान है, तो आयुर्वेदिक  संहिता के केवल कुछ अध्याय पढ़ें, फिर स्वयं ही निर्णय करे।सुनी हुई बातो में विश्वास ना करे।

🤔क्या आयुर्वेदिक औषधियों में भारी धातुएं होती हैं जो हानिकारक होती हैं ??

👉धातु और खनिज सभी में लाभकारी गुण होते हैं हमारे महान आयुर्वेदिक आचार्य ने धातुओं को शुद्ध करने और उपभोग के लिए उपयुक्त बनाने के लिए प्रक्रियाओं का आविष्कार किया, इनसे बनी दवाएं कई जटिल बीमारियो को ठीक करने में सक्षम है। आधुनिक विज्ञान अभी भी ऐसा करने में सफल नहीं हुआ हैं।

🙄आयुर्वेदिक उपचार धीमा है ??

👉बिल्कुल नहीं, अन्य प्रणालियाँ जिन्हें तेजी से काम करने वाला कहा जाता है, वास्तव में लक्षणों को दबा देती हैं और उनकी दवाओं को जीवन भर लेना पड़ता है, दूसरी ओर आयुर्वेदिक उपचार तेजी से काम करता है और समस्या को जड़ से ठीक करता है वह भी एक बीमारी को ठीक करने के नाम पर  अन्य बीमारियों  को दिए बैगर।

🤔आयुर्वेद लोकप्रिय क्यों नहीं हैं या बहुत लोग इसका अनुसरण क्यू नही  करते हैं?

👉यह सरकार की ओर से लापरवाही के कारण और भारतीय लोगों की अपनी चीजों को हीन दृष्टि से देखने की  प्रवृत्ति के कारण है। योग के साथ भी ऐसा ही था  जब योग पूरी दुनिया में लोकप्रियता हासिल कर रहा है तो भारतीय गर्व से कहने लगें हैं कि यह हमारा है,आयुर्वेद के साथ भी शायद यही हो।

🧐अच्छे आयुर्वेदिक चिकित्सक और अच्छी दवाओं की उपलब्धता के बारे में निश्चित नहीं है?

👉दोनों बहुत उपलब्ध हैं आपको बस अपनी आंखें खोलने की जरूरत है।

🙄आयुर्वेदिक उपचार में आहार और जीवन शैली के संबंध में बहुत सारे प्रतिबंध क्यू ?

👉बेशक आपको उचित आहार और जीवन शैली का पालन करना होगा, यह भी आयुर्वेद की सुंदरता है जिसमें लोगों को शिक्षित किया जाता है  ताकि वे शीघ्र स्वस्थ्य हो जाए और फिर से बीमार न पड़े।आज तो बहुत से रोगों की जड़ ही अनुचित आहार और जीवनशैली है तब तो आयुर्वेदिक नियमों का पालन करना और भी आवश्यक हो गया है।

🥺दवा कड़वी होती है !!

👉ज्यादातर क्वाथ कड़वे होते हैं जो कि आजकल टैबलेट के रूप में भी आते हैं। अन्य दवाएं  कड़वी नहीं हैं फिर भी यदि आप कड़वा स्वाद बिल्कुल बर्दाश्त नहीं कर सकते तो   आप अपने वैद्य से  कह सकते हैं ताकि वह उस अनुसार आपको दवा दे।

🧐एक बार आयुर्वेद उपचार लिया था  लेकिन राहत नहीं मिली ,इसीलिए फिर नही लिया।

👉ऐसा किसी और उपचार पद्धति में भी हो सकता है लेकिन आप उनकी दवा लेना बंद नही करते, तो आयुर्वेदिक उपचार में भी यदि एक बार में आराम ना मिले तो  आपको अपने वैद्य को बताना चाहिए ताकि वह कुछ अन्य दवाएं आपको दे सके।

🙄सभी आयुर्वेदिक दवाएं गर्म होती हैं और इससे शरीर की गर्मी बढ़ती है?

👉यह बहुत गलत धारणा है ,ऐसा बिलकुल नहीं है।

🧐मुझे आयुर्वेदिक दवाओं और इलाज के बारे में कोई जानकारी नहीं है !!

👉इस पोस्ट को पढ़ने के बाद  अब आप जानते हैं कि यह एक जीवन विज्ञान है जो न केवल बीमारियों का इलाज करता है बल्कि स्वास्थ्य की रक्षा के लिए मार्गदर्शन करता है। अभी से इसका पालन करें स्वस्थ्य और रोगी दोनो अवस्था में।

👉आयुर्वेद में आधुनिक विज्ञान की तरह कोई विशिष्ट शाखा  है ?

आपको जानकर हैरानी होगी कि आयुर्वेद में 8 विशेष शाखाएं हैं विस्तार से इसे पढ़ें-

आयुर्वेद की विशिष्ट शाखाएं।

🙄आयुर्वेदिक उपचार महंगा है!

👉उपचार  मरीज की स्थिति पर निर्भर करता है,आयुर्वेद में कम और ज्यादा  दाम की   हर तरह की दवा और उपचार होता है । वैद्य मरीज के लिए  सबसे अच्छी दवाएं तय करते हैं, फिर भी  यदि आप कुछ महंगी दवा नहीं खरीद सकते हैं तो अपने वैद्य को कम कीमत की दवा लिखने को बोल सकते है परंतु कई स्थिती में उपचार की जरूरत के अनुसार ऐसा संभव नहीं भी हो सकता है ।

पंचकर्म निजी सेट अप में  थोड़ा महंगा होता है । यदि लागत आपके लिए एक मुद्दा है तो आप सरकारी आयुर्वेदिक अस्पतालों में जा सकते हैं जहां उपचार की लागत बहुत मामूली होती है।

फिर भी आयुर्वेदिक उपचार अन्य प्रणालियों की तुलना में बहुत सस्ता  होता है अन्य पद्धतियों में   रोगियों को कई  टेस्ट्स और कई बार अनावश्यक सर्जरी का खर्च भी वहन करना पड़ता है।

हमारे अपने देश के अमूल्य ज्ञान आयुर्वेद को अपनाए।

Published by Dr. Amrita Sharma

I am an ayurvedic practitioner with experience of more than a decade, I have worked with best ayurvedic companies and now with the purpose of reaching out people to make them aware about ayurveda which is not just a system of treatment but a way of living to remain healthy

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