खील या लाजा -मोटापे ,मधुमेह ,रक्ताल्पता आदि में अत्यंत उपयोगी।

🌼लाजा, भूना या फूला हुआ चावल

🌿 भूना हुआ चावल, जो भारत में त्योहारों के दौरान देवताओं को चढ़ाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है, शुभ माना जाता है।

🌿इसे संस्कृत में लाजा के नाम से जाना जाता है।

🌿आयुर्वेद के अनुसार आहर में इसकी व्यापक रूप से स्वस्थ व्यक्तियों के साथ-साथ कई रोग स्थितियों में भी उपयोग की सिफारिश की गई है। पंचकर्म की प्रक्रियाओं के बाद भी रोगियों को इसे सेवन के लिए दिया जाता है।

🌿यह स्वाद में मीठा कसैला होता है।
🌻पचाने के लिए हल्का।
🌻शक्ति में ठंडा।
🌻यह कफ और पित्त दोष को शांत करता है।

👉यह भूना चावल अन्य सभी चावल की चीजों की तुलना में इसका सबसे हल्का रूप है।

👉यह पौष्टिक, सुखदायक और सेहत से भरपूर है। यह शरीर के ऊतकों की भरपाई करता है और शरीर से विषाक्त पदार्थों को निकालता है।

✅यह शरीर को तुरंत ऊर्जा देता है। इसका उपयोग सुस्ती, थकान, रक्ताल्पता (Anemia) और निम्न रक्तचाप में किया जाता है।

✅यह शरीर की ताकत में सुधार करता है।

✅आयुर्वेद में इसका उपयोग उल्टी के उपचार में भी किया जाता है और महिलाओं को उनकी पहली तिमाही में मॉर्निंग सिकनेस को ठीक करने के लिए भी दिया जाता है।

✅यह अम्लता ( Acidity), गैस और अपच जैसी समस्यायों में बहुत फायदेमंद है।

✅यह मूत्रवर्धक के रूप में कार्य करता है। जिससे इसका उपयोग सूजन और मूत्र संबंधी विकारों में किया जाता है।

✅यह मधुमेह और मोटे व्यक्ति के लिए नाश्ते के रूप में सेवन करने का एक अच्छा विकल्प है।

✅यह वजन घटाने में मदद करता है।

✅इसका जलन के उपचार में उपयोग किया जाता है।

✅यह रक्तस्राव विकारों जैसे बवासीर,माहवारी में अधिक स्त्राव और नाक से खून बहना आदि में उपयोगी है।

✅इसका उपयोग सन्न हो जाना (numbness), स्नायु प्रदाह (neuritis), चक्कर आना (dizziness) और बेहोशी होना (syncope) जैसी समस्यायों के उपचार में भी किया जाता है।

✅यह शरीर में कफ को कम करने में मदद करता है।

✅यह अत्यधिक भूख और प्यास लगने को नियंत्रित करता है।

✅शराब छुड़वाने और इसके हानिकारक प्रभाव से बचने में भी इसका इस्तेमाल किया जाता है।

🤔इसको कैसे इस्तेमाल करे ??

👉लाजा मांड – इसे पानी (1कप लाजा + 2 कप पानी) के साथ उबाले और इसमें चुटकी भर सौंठ और पिप्पली मिलाएं। फिर इसे थोड़ा गर्म ही पिएं।

👉इसका गाढ़ा घोल/मांड बनाने के लिए इसे पानी के साथ उबालें।

👉खीर- इसे दूध के साथ उबालें और शक्कर मिलाकर इसकी खीर बनाए। बनाने के लिए इसमें चीनी मिलाएँ।

👉इसे सीधे (बिना कुछ मिलाए) भी खाया जा सकता है।

Published by Dr. Amrita Sharma

I am an ayurvedic practitioner with experience of more than a decade, I have worked with best ayurvedic companies and now with the purpose of reaching out people to make them aware about ayurveda which is not just a system of treatment but a way of living to remain healthy

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