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अश्वगंधा, बहु उपयोगी आयुर्वेदिक औषध जो स्वास्थ्य को बढ़ती है ।

☘️अश्वगंधा आयुर्वेद की सबसे प्रसिद्ध, शक्तिशाली और उपयोगी जड़ी बूटी है।

☘️अश्वगंधा की जड़ों का उपयोग दवाओं में किया जाता है।

☘️अश्वगंधा के आयुर्वेदिक गुण

👉इसमें कटु, तिक्त और कषाय रस होते है।

👉यह स्निग्धा, लघु (पचने में हल्की) होती है।

👉शक्ति में गर्म

☘️अश्वगंधा के स्वास्थ्य लाभ

✅अश्वगंधा एक रसायन है। यह कायाकल्प करती है। पोषण प्रदान करती है। समय पूर्व उम्र बढ़ने से रोकती है। जीवन प्रत्याशा (Life Expectancy) और पौरुष में सुधार करती है। यह एक स्वास्थ्य टॉनिक के रूप में कार्य करती है।

✅यह रोग प्रतिरोधक क्षमता में सुधार करती है। इसका उपयोग बच्चों में रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए घी के साथ किया जा सकता है।

✅यह मांसपेशियों की ताकत में सुधार करता है, जो उन लोगों के लिए अच्छा है जो बॉडी बिल्डिंग कर रहे हैं और नियमित जिमिंग कर रहे हैं। यह बाजार में उपलब्ध किसी भी पेय या पूरक (Suppliment) से बेहतर है।

✅अश्वगंधा का उपयोग वजन बढ़ाने और वजन कम करने दोनों में किया जाता है।

✅दिमाग को शांत करके अनिद्रा में मदद करता है। बेहतर नींद आने में सहायक है।

✅यह दिल के लिए अच्छी है। यह हृदय की मांसपेशियों को ताकत देती है। तनाव को कम करके रक्तचाप (Blood Pressure) को कम करती है। रक्तवसा (Cholesterol) के स्तर को कम करती है।

✅यह यकृत (Liver) के लिए अच्छी होती है।

✅अश्वगंधा शरीर में रक्त परिसंचरण (Blood Circulation) में सुधार करती है। सुन्नता (Numbness) को दूर करने में मदद करती है।

✅गठिया, सूजन से राहत दिलाने में सहायक।

✅शरीर के दर्द, थकान और रक्ताल्पता (Anemia) जैसी समस्यायों के उपचार में इसका प्रयोग किया जाता है।

✅मधुमेह के रोगियों के लिए अश्वगंधा बहुत फायदेमंद होती है।

✅इसका उपयोग सांस संबंधी समस्याओं विशेष रूप से अस्थमा में किया जाता है।

✅श्वित्र (leucoderma), घाव भरने, खुजली और अन्य त्वचा संबंधी समस्याओं में उपयोगी।

✅यह महिला प्रजनन प्रणाली के विकारों में उपयोगी होती है। यह गर्भाशय की मांसपेशियों को शक्ति देती है। Dysmenorrhoea, Leucorrhoea के उपचार में मदद करती है। बांझपन के इलाज में इसका उपयोग किया जाता है। बार-बार गर्भपात होने से रोकती है।

✅यह पुरुषों की यौन समस्याओं में उपयोगी होती है। यह शुक्राणुओं की संख्या और गुणवत्ता में सुधार करती है।

✅यह मस्तिष्क की कार्यक्षमता में सुधार करके स्मृति और बुद्धिमत्ता में सुधार करती है।

✅यह वात को शांत करती है इसलिए चिंता, अवसाद, Parkinson, लकवा और अन्य वात विकारों के लिए सबसे अच्छी दवाओं में से एक है।तंत्रिका टॉनिक के रूप में कार्य करती है और नसों की पीड़ा को शांत करती है।

🤔इसका उपयोग कैसे करें?

👉इसे पाउडर या गोलियों के रूप में लिया जा सकता है।

👉इसे घी या दूध के साथ डॉक्टर द्वारा परामर्श अनुसार इस्तेमाल किया जा सकता है।

👉इसका उपयोग आवश्यकता के अनुसार अन्य जड़ी बूटियों के साथ मिलाकर भी किया जाता है।

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