जानिये बकरी के दूध के लाभ और किन स्थितियों में यह गाय के दूध से भी ज्यादा लाभकारी होता है ।

बकरी के दूध के स्वास्थ्य लाभ 🌼आयुर्वेद में दूध का बहुत ही महत्वपूर्ण स्थान   है यह आहार के रूप में, तेल और कई औषधियों के निर्माण में ,खनिजों के शुद्धिकरण और   कई औषधियों के साथ अनुपान के रूप में भी दिया  जाता है।🌱 🌼आयुर्वेद में 8 अलग-अलग जानवरों के दूध के फायदे बताए गए हैं।Continue reading “जानिये बकरी के दूध के लाभ और किन स्थितियों में यह गाय के दूध से भी ज्यादा लाभकारी होता है ।”

10 interesting facts about goat milk.

Health benefits of goat’s milk 🌼In Ayurveda milk is very important part of diet, in preparation of oils and many medicines, purification of minerals and milk is also used as co drink for many medicines . 🌼Benifits of milk of 8 different animals are described in Ayurveda. 🌼Goat milk is one such milk which isContinue reading “10 interesting facts about goat milk.”

मक्खन है बच्चों के लिये बहुत सेहतमन्द।इसे कैसे बनाए और इसके स्वास्थ्य लाभ जाने।

*मक्खन * अपने बच्चों👶को स्वस्थ💪 और बुद्धिमान बनाने के लिए उनको ताजा मक्खन देवें।😇. यह बच्चों की लंबाई⛹️‍♂️और स्वास्थ्य🤸‍♂️को सुधारता है। अतिसक्रिय (चंचल) बच्चों के लिए अच्छा होता है।🤗 मक्खन को कैसे बनाए?❓ 🌷दूध की मलाई को प्रतिदिन फ्रीज में इकट्ठा करें और जब यह 250 ग्राम एकत्रित हो जाए तो इसमें दही मिला करContinue reading “मक्खन है बच्चों के लिये बहुत सेहतमन्द।इसे कैसे बनाए और इसके स्वास्थ्य लाभ जाने।”

केला कब,किन्हें और किन्हें नही खाना चाहिये?

केला या कदली🍌 🌷संस्कृत में कादली का दूसरा नाम अमृत है, जो इसके महत्व को दर्शाता है। 🌷केले का पौधा उन पौधों में से एक है जिसके सभी हिस्से (भाग) उपयोगी होते है। 🌷इसका पका हुआ फल सबसे सस्ता, आसानी से उपलब्ध और स्वादिष्ट फल होता है। 🌷केले की कई किस्में हैं जो आकार औरContinue reading “केला कब,किन्हें और किन्हें नही खाना चाहिये?”

अद्रव्य चिकित्सा- दवा के उपयोग बिना उपचार ।

अद्रव्य चिकित्सा अद्रव्य चिकित्सा उपचार का ऐसा प्रकार है जिसमें किसी भी दवा का उपयोग शामिल नहीं  होता है। आयुर्वेद में दो प्रकार के उपचार होते हैं जिनमें एक दवा का उपयोग होता है जिसे द्रव्य चिकित्सा के रूप में जाना जाता है और दूसरा जिसके लिए किसी दवा या पदार्थ की आवश्यकता नहीं होतीContinue reading “अद्रव्य चिकित्सा- दवा के उपयोग बिना उपचार ।”

Adravya chikitsa (non pharmacological treatment) – its a type of treatment which do not require use of any medicines or other substance.

Adravya chikitsa. 🌻Treatment which do not involve use of any medicines is adravya chikitsa. 🌻There are two types of treatments in Ayurveda one which involves use of medicines is known as Dravya chikitsa and other which do not require any medicines or substance is known as Adravya chikitsa. 🌻Adravya chikitsa is very important, useful andContinue reading “Adravya chikitsa (non pharmacological treatment) – its a type of treatment which do not require use of any medicines or other substance.”

अभ्यंग (मालिश) से शारीरिक और मानसिक रोग रहे दूर, साथ ही मिलती है सुंदर त्वचा और मजबूत अस्थियां। कब, कैसे करे अभ्यंग पूरी जानकारी।

अभ्यंग या मालिश आयुर्वेदिक दिनचर्या का हिस्सा है। 🌞अभ्यांग सब उम्र के लोग और हर मौसम में हर रोज कर सकते है। 🌞नहाने से पहले रोजाना मालिश या अभ्यंग  करें इसमें सिर्फ 15 मिनट या कम से कम 5 मिनट का समय लगता है। 🌞तेल को संस्कृत में स्नेह कहा जाता है इसलिए अभ्यंग स्वयंContinue reading “अभ्यंग (मालिश) से शारीरिक और मानसिक रोग रहे दूर, साथ ही मिलती है सुंदर त्वचा और मजबूत अस्थियां। कब, कैसे करे अभ्यंग पूरी जानकारी।”

अचार खाए या नहीं?

अचार 🌺 अचार, किण्वन (Fermentation) के माध्यम से स्वाभाविक रूप से भोजन को संरक्षित करने का एक पारंपरिक तरीका है। 😋 🌺 मौसमी फल और सब्जियों को अचार बनाने के लिए चुना जाता है ताकि इनके स्वाद का पूरे वर्ष आनंद लिए का सके ।👌 🌺 रेगिस्तानी भूमि में जहाँ सब्जियाँ की पैदावार और उपलब्धताContinue reading “अचार खाए या नहीं?”

Pickles are good or bad ?

Achar(Pickle) 🌺Pickling is a traditional method of preserving food naturally through fermentation . 😋 🌺Seasonal fruits and vegetables are pickled so that they can be relished through out the year.👌 🌺In desert land where less vegetables are available pickles are good option. 🌺In Ancient times when traveling to one place to another takes many days,Continue reading “Pickles are good or bad ?”

सिंघडा है पोषक तत्वों से भरपूर,किन परिस्थितियों में है यह उपयोगी?किन्हें इसे नही खाना चाहिये?पूरी जानकारी

सिंघाड़ा (Water Chestnut) को श्रृंगटक के रूप में भी जाना जाता है। इसके फलों पर काँटा शृंग (सींग) जैसा होता है इसलिए इसे संस्कृत में श्रृंगटक के नाम से जाना जाता है। यह एक कंद है जो पानी में उगता है। इसके कई स्वास्थ्य लाभों के कारण इसका उपयोग आयुर्वेदिक दवाओं में किया जाता है।Continue reading “सिंघडा है पोषक तत्वों से भरपूर,किन परिस्थितियों में है यह उपयोगी?किन्हें इसे नही खाना चाहिये?पूरी जानकारी”

किसी भी रोग की चिकित्सा में चार घटक है जरूरी (चिकित्सीय चतुष्पाद)- चिकित्सक,रोगी,दवा और उपस्थाता।

चिकित्सा चतुष्पाद (चिकित्सा के 4 घटक ) 🌷बीमारी दोष, धातु और मल के असंतुलन से होती है।🌷इन्हे वापस संतुलन में लाने को ही चिकित्सा या इलाज कहते है। 🌷किसी भी बीमारी के इलाज में सिर्फ चिकित्सक की जिम्मेदारी नहीं होती है। चिकित्सक के अलावा 3 और महत्वपूर्ण पहलू होते है। 🌷इन 3 पहलुओं की अनुपस्थितिContinue reading “किसी भी रोग की चिकित्सा में चार घटक है जरूरी (चिकित्सीय चतुष्पाद)- चिकित्सक,रोगी,दवा और उपस्थाता।”

क्यों किसी विशेष भोजन या स्वाद की तीव्र इच्छा होती है?इसे कैसे नियंत्रित करे?

क्रेविंग या लालसा 🤔भोजन की लालसा क्या है ?? 👉भोजन की लालसा कुछ विशेष स्वाद वाले भोजन को खाने की तीव्र इच्छा है। 🍟 🍲🍩 👉यह स्वाद में मीठा, खट्टा, नमक, कड़वा, तीखा और कसैला के प्रति हो सकती है।🙄 👉क्रेविंग शरीर का संदेश है कि वह विशेष स्वाद वाला भोजन चाहता है।👉 यह जंकContinue reading “क्यों किसी विशेष भोजन या स्वाद की तीव्र इच्छा होती है?इसे कैसे नियंत्रित करे?”

मेथीदाना को भोजन में जरूर शामिल करें यह हॉर्मोन बैलेंस करता है ,मोटापा कम करता,दर्द से राहत देता और बहुत लाभ है इसके।

मेथीदाना (मेथी के बीज) 🍀मेथीदाना को संस्कृत में मीथिका के रूप में जाना जाता है जिसका अर्थ है मेधा या बुद्धिमत्ता में सुधार करने वाली। 😇 🍀मेथीदाना विटामिनों से भरपूर है जैसे विटामिन B6, विटामिन A, C, K और खनिज जैसे कैल्शियम, मैग्नीशियम, जस्ता, तांबा और पोटेशियम। 🍀यह स्वाद में कड़वा और प्रकृति में गर्मContinue reading “मेथीदाना को भोजन में जरूर शामिल करें यह हॉर्मोन बैलेंस करता है ,मोटापा कम करता,दर्द से राहत देता और बहुत लाभ है इसके।”

अश्वगंधा, बहु उपयोगी आयुर्वेदिक औषध जो स्वास्थ्य को बढ़ती है ।

☘️अश्वगंधा आयुर्वेद की सबसे प्रसिद्ध, शक्तिशाली और उपयोगी जड़ी बूटी है। ☘️अश्वगंधा की जड़ों का उपयोग दवाओं में किया जाता है। ☘️अश्वगंधा के आयुर्वेदिक गुण 👉इसमें कटु, तिक्त और कषाय रस होते है। 👉यह स्निग्धा, लघु (पचने में हल्की) होती है। 👉शक्ति में गर्म ☘️अश्वगंधा के स्वास्थ्य लाभ ✅अश्वगंधा एक रसायन है। यह कायाकल्प करतीContinue reading “अश्वगंधा, बहु उपयोगी आयुर्वेदिक औषध जो स्वास्थ्य को बढ़ती है ।”

क्यो होते है चर्म रोग ?इनके होने के कारण जाने और त्वचा के रोगों से बचे।

🌺चर्म रोगों के सामान्य कारण जाने और इनसे बचे। 👉त्वचा हमारे शरीर की रक्षा की पहली पंक्ति है। 😇 👉 सुंदर त्वचा आकर्षक होती है और वही चर्म रोग बहुत गहराई तक मन पर असर करते है। कुछ त्वचा की समस्याओ में शारीरिक रूप से दर्द नहीं भी हो लेकिन वे मानसिक दर्द देती हैं।☹️Continue reading “क्यो होते है चर्म रोग ?इनके होने के कारण जाने और त्वचा के रोगों से बचे।”

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